कांग्रेस ने खोला वादों का पिटारा {Congress Ghoshna Patra}

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जारी किया घोषणा पत्र देशद्रोह कानून खत्म करने से लेकर अफस्पा की समीक्षा का वादा

बेरोजगार नौजवानों को नौकरी कर्ज में डूबे किसानों को कर्ज से मुक्ति हर घर परिवार को सुनिश्चित आमदनी महिलाओं को सुरक्षित माहौल और संस्थाओं की आजादी इन पांच अहम मुद्दों के साथ कांग्रेस ने 2019 में केंद्रीय सत्ता हासिल करने का अपना दांव चल दिया है। 

युवाओं को 22 लाख सरकारी नौकरियों के साथ पंचायतों में 10 लाख रोजगार गरीब परिवार के लिए सालाना 72000 किसानों को बेहतरी के लिए अलग किसान बजट, और हर व्यक्ति को स्वास्थ्य की कानूनी गारंटी जैसे लुभावने वादों से सजे अपने घोषणापत्र के साथ कांग्रेस ने चुनाव में भाजपा के मुकाबले खुद को एकमात्र राष्ट्रीय विकल्प के रूप में पेश किया है।

चुनावी वादों के पिटारे पर जनता को भरोसा दिलाने के लिए कांग्रेस ने हम निभाएंगे के जरिए उन्हें पूरा करने का वचन भी दिया कर्ज ना चुका पाने को किसानों के लिए अपराध नहीं मानी जाने के बात की गई है। 

घोषणा पत्र में देशद्रोह कानून के दुरुपयोग को देखते हुए, कांग्रेसी ने इसे खत्म करने का भी ऐलान किया है। इतना ही नहीं जम्मू कश्मीर समेत कई अशांत राज्यों में लागू अफस्पा यानी आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट की समीक्षा भी की जाएगी बिना सुनवाई गिरफ्तार कर जेल में डालने से जुड़े कानूनों में भी बदलाव होगा। 

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यूपी अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया चुनावी वादों से पर्दा हटा ते हुए कहा की घोषणापत्र में केवल ऐसे वादे किए हैं, जिन्हें पूरा किया जा सकता है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने देश भर में लोगों से व्यापक विमर्श के बाद जनता की भावनाओं के अनुरूप घोषणापत्र तैयार किया है। राहुल ने उम्मीद जताई कि विकास के वादों पर जनता कांग्रेस को को जीत आएगी। 

घोषणा पत्र पर योगी आदित्यनाथ का बयान

कागजी बातों के आधार पर देश की जनता ने कांग्रेस को सर्वाधिक बार सत्ता सौंपा लेकिन हर बार उसे धोखा मिला राहुल गांधी ने घोषणापत्र को रात भर ले लिया है ,पर इनको जमीन पर उतारने की क्षमता उनमें नहीं है। 

घोषणा पत्र पर अरुण जेटली का बयान: – भारत को टुकड़े-टुकड़े करने वाला घोषणा पत्र

भाजपा ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को व्यावहारिक और देश को बांटने वाला बताया भाजपा के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के लिए विभाजन कारी प्रावधानों वाला घोषणा पत्र जारी करने के लिए कांग्रेस पर हमला बोल दिया।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इसे तैयार करने में शहरी नक्सलियों की मदद ली गई है। जेटली ने घोषणा पत्र में कश्मीर पर लंबे चौड़े वादे के बावजूद कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर चुप्पी लगाने पर हैरानी जताई गरीबों को सालाना ₹72000 देने को सबसे बड़ा धोखा बताते हुए जेटली ने कहा कि ना समझी में बड़े-बड़े वायदे किए जा रहे हैं। 

के अनुसार ऊपर से अच्छी दिखने वाली कांग्रेस के बारे गीता में जाने पर पता चलता है, कि आदेश के लिए कितना खतरनाक है। इसमें अलगाववादियों से बातचीत करने अफस्पा को हटाने देशद्रोही की धारा को समाप्त करने और सभी अपराधियों को जमानत देना जैसे वादे राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर कर देश को विभाजन की ओर ले जाने वाले हैं। 

घोषणा पत्र की कुछ अहम बातें

किसानों के लिए:

  • किसानों की कर्जमाफी से कर्ज मुक्ति का रास्ता बनाने को लाभकारी मूल्य कम लागत बेहतर कृषि बीमा और आसान तर्ज के साथ स्थाई राष्ट्रीय किसान आयोग बनाया जाएगा।
  • कर्ज नहीं चुकाना फौजदारी अपराध नहीं बल्कि दीवानी अपराध होगा मतलब जेल नहीं होगी।
  • कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए अलग से कृषि बजट। 

गरीबों के लिए: –

  • 2030 तक गरीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। 
  • 5 करोड़ सबसे गरीब परिवारों को न्यूनतम आय योजना न्याय के तहत हर साल ₹72000 दिए जाएंगे।
  • इसके दायरे में देश के 20 फ़ीसदी सबसे गरीब परिवार आएंगे।
  • जिन गरीबों के पास घर नहीं है उन्हें भूखंड मुहैया कराया जाएगा। 
  • शहरी गरीबों को आवास का अधिकार देने का भी वादा। 

युवा और रोजगार: –

  • 31 मार्च 2020 तक 22 लाख तक रिक्त सरकारी पदों को भरा जाएगा। 
  • राज्य सरकारों को भी 20 लाख पद भरने के लिए मनाया जाएगा। 
  • वैज्ञानिकों के खाली पदों को 12 महीनों में भरने का वादा। 
  • ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में सेवा मित्र के 1000000 नए पद सृजित किए जाएंगे।
  • मनरेगा के तहत रोजगार 100 से बढ़ाकर 150 कार्य दिवस होगा। 

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